रायपुर। राज्य में 11 पुराने जिलों सहित नए पांच जिलों में वर्तमान में डायल-112 की सेवा संचालित की जा रही है। डायल-112 सेवा का अब नए सिरे से...
रायपुर। राज्य में 11 पुराने जिलों सहित नए पांच जिलों में वर्तमान में डायल-112 की सेवा संचालित की जा रही है। डायल-112 सेवा का अब नए सिरे से टेंडर जारी करने की तैयारी की जा रही है। डायल-112 को और कैसे बेहतर बनाया जा सकता है, इसके लिए पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने डायल-112 मुख्यालय पहुंचकर सिस्टम की जानकारी ली है। वर्तमान में डायल-112 सेवा का संचालन टाटा ग्रुप कर रहा है। ग्रुप का कार्यकाल दो साल पहले अगस्त में पूरा हो चुका है। सेवा संचालित करने अब तक किसी नए ग्रुप को जिम्मेदारी नहीं दी गई है। इसके कारण डायल-112 सेवा का संचालन टाटा ग्रुप ही कर रहा है। सेवा में लगे ज्यादातर वाहन जर्जर हालत में हैं। नई कंपनी के आने के बाद डायल-112 सेवा की सूरत बदलने की उम्मीद है। वर्तमान में डायल-112 सेवा 11 पुराने जिले रायपुर, महासमुंद, दुर्ग, कोरबा, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, बस्तर, सरगुजा, बिलासपुर, कबीरधाम, राजनांदगांव के अलावा रायपुर से अलग कर बलौदाबाजार, रायगढ़ से काटकर बनाए गए सारंगढ़-बिलाईगढ़, बिलासपुर से काटकर बनाए गए गौरेला-पेंड्रा- मरवाही तथा राजनांदगांव से काटकर बनाए गए मोहला मानपुर, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में संचालित हो रही है। इसका विस्तार सभी 33 जिलों में करने की योजना है।डायल-112 आवश्यक सेवा में शामिल हो गई है। इस बात को ध्यान में रखते हुए डीजीपी अरुण देव गौतम ने सिस्टम को और अपडेट करने निर्देश दिए हैं। वर्तमान में संबंधित जगह रवाना की गई गाड़ी की मानिटरिंग फोन के माध्यम से मुख्यालय से होती थी। इसे अपडेट करते हुए डायल-112 सेवा से जुड़े अफसर अपने मोबाइल से गाड़ियों की मानिटरिंग कर सकें, सिस्टम को इस तरह से विकसित करने डीजीपी ने निर्देश दिए हैं।
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